| Song: | Pritam Chakraborty Bulleya |
| Singer(s): | Amit Mishra, Shilpa Rao |
| Musician(s): | Amitabh Bhattacharya |
| Written by: | Amitabh Bhattacharya |
| Label(©): | Sony Music India |
Pritam Chakraborty Bulleya Lyrics
मेरी रूह का परिंदा फड़फड़ाये
लेकिन सुकून का जज़ीरा मिल ना पाए
वे क्या कारण हैं? वे क्या कारण हैं?
एक बार को तजल्ली तो दिखा दे
झूठी सही, मगर तसल्ली तो दिला दे
वे क्या कारण हैं? वे क्या कारण हैं?
रांझन दे यार, बुल्लेया, सुन ले पुकार, बुल्लेया
तू ही तो है यार, बुल्लेया, मुर्शिद मेरा
तेरा मुकाम, कमले, सरहद के पार, बुल्लेया
परवरदिगार, बुल्लेया, हाफ़िज़ तेरा (मुर्शिद मेरा)
रांझन दे यार, बुल्लेया, सुन ले पुकार, बुल्लेया
तू ही तो है यार, बुल्लेया, मुर्शिद मेरा, मुर्शिद मेरा
तेरा मुकाम, कमले, सरहद के पार, बुल्लेया
परवरदिगार, बुल्लेया, हाफ़िज़ तेरा, मुर्शिद मेरा
मैं तां गुल से लिपटी तितली की तरह मुहाजिर हूं
एक पल को ठहरूं, पल में उड़ जाऊं
वे मैं तान हूं पगडंडी, लब्धि ए जो राह जन्नत की
तू मुदे जहां, मैं साथ मुद जाऊं
तेरे कारवां में शामिल होना चाहूं
कमियाँ तराश के मैं काबिल होना चाहूँ
वे क्या कारण हैं? वे क्या कारण हैं?
रांझन दे यार, बुल्लेया, सुन ले पुकार, बुल्लेया
तू ही तो है यार, बुल्लेया, मुर्शिद मेरा
तेरा मुकाम, कमले, सरहद के पार, बुल्लेया
परवरदिगार, बुल्लेया, हाफ़िज़ तेरा (मुर्शिद मेरा)
रांझणा वे, रांझणा वे
जिस दिन के आशना से दो अजनबी हुए हैं
तन्हाइयों के लम्हे सब मुल्तावी हुए हैं
क्यों आज मैं मोहब्बत फिर एक बार करना चाहूँ?
(हां)
ये दिल तो ढूंढता है इंकार के बहाने
लेकिन ये जिस्म कोई पाबंदियां ना माने
मिल के तुझे बगावत खुद से ही यार करना चाहूँ
मुझमें अगन है बाकी, आज़मा ले
ले, कर रही हूं खुद को मैं तेरे हवाले
वे रांझणा, वे रांझणा
रांझन दे यार, बुल्लेया, सुन ले पुकार, बुल्लेया
तू ही तो है यार, बुल्लेया, मुर्शिद मेरा
तेरा मुकाम, कमले, सरहद के पार, बुल्लेया
परवरदिगार, बुल्लेया, हाफ़िज़ तेरा (मुर्शिद मेरा)
रांझन दे यार, बुल्लेया, सुन ले पुकार, बुल्लेया
तू ही तो है यार, बुल्लेया, मुर्शिद मेरा
तेरा मुकाम, कमले, सरहद के पार, बुल्लेया
परवरदिगार, बुल्लेया, हाफ़िज़ तेरा, मुर्शिद मेरा
मुर्शिद मेरा
मुर्शिद मेरा
मुर्शिद मेरा
लेकिन सुकून का जज़ीरा मिल ना पाए
वे क्या कारण हैं? वे क्या कारण हैं?
एक बार को तजल्ली तो दिखा दे
झूठी सही, मगर तसल्ली तो दिला दे
वे क्या कारण हैं? वे क्या कारण हैं?
रांझन दे यार, बुल्लेया, सुन ले पुकार, बुल्लेया
तू ही तो है यार, बुल्लेया, मुर्शिद मेरा
तेरा मुकाम, कमले, सरहद के पार, बुल्लेया
परवरदिगार, बुल्लेया, हाफ़िज़ तेरा (मुर्शिद मेरा)
रांझन दे यार, बुल्लेया, सुन ले पुकार, बुल्लेया
तू ही तो है यार, बुल्लेया, मुर्शिद मेरा, मुर्शिद मेरा
तेरा मुकाम, कमले, सरहद के पार, बुल्लेया
परवरदिगार, बुल्लेया, हाफ़िज़ तेरा, मुर्शिद मेरा
मैं तां गुल से लिपटी तितली की तरह मुहाजिर हूं
एक पल को ठहरूं, पल में उड़ जाऊं
वे मैं तान हूं पगडंडी, लब्धि ए जो राह जन्नत की
तू मुदे जहां, मैं साथ मुद जाऊं
तेरे कारवां में शामिल होना चाहूं
कमियाँ तराश के मैं काबिल होना चाहूँ
वे क्या कारण हैं? वे क्या कारण हैं?
रांझन दे यार, बुल्लेया, सुन ले पुकार, बुल्लेया
तू ही तो है यार, बुल्लेया, मुर्शिद मेरा
तेरा मुकाम, कमले, सरहद के पार, बुल्लेया
परवरदिगार, बुल्लेया, हाफ़िज़ तेरा (मुर्शिद मेरा)
रांझणा वे, रांझणा वे
जिस दिन के आशना से दो अजनबी हुए हैं
तन्हाइयों के लम्हे सब मुल्तावी हुए हैं
क्यों आज मैं मोहब्बत फिर एक बार करना चाहूँ?
(हां)
ये दिल तो ढूंढता है इंकार के बहाने
लेकिन ये जिस्म कोई पाबंदियां ना माने
मिल के तुझे बगावत खुद से ही यार करना चाहूँ
मुझमें अगन है बाकी, आज़मा ले
ले, कर रही हूं खुद को मैं तेरे हवाले
वे रांझणा, वे रांझणा
रांझन दे यार, बुल्लेया, सुन ले पुकार, बुल्लेया
तू ही तो है यार, बुल्लेया, मुर्शिद मेरा
तेरा मुकाम, कमले, सरहद के पार, बुल्लेया
परवरदिगार, बुल्लेया, हाफ़िज़ तेरा (मुर्शिद मेरा)
रांझन दे यार, बुल्लेया, सुन ले पुकार, बुल्लेया
तू ही तो है यार, बुल्लेया, मुर्शिद मेरा
तेरा मुकाम, कमले, सरहद के पार, बुल्लेया
परवरदिगार, बुल्लेया, हाफ़िज़ तेरा, मुर्शिद मेरा
मुर्शिद मेरा
मुर्शिद मेरा
मुर्शिद मेरा
Pritam Chakraborty Bulleya Lyrics In English
Meri rooh ka parinda phadphadayeLekin sukoon ka jazeera mil na paayeVe ki karaan? Ve ki karaan?
Ek baar ko tajalli toh dikha deJhoothi sahi, magar tasalli toh dila deVe ki karaan? Ve ki karaan?
Ranjhan de yaar, Bulleya, sun le pukaar, BulleyaTu hi toh yaar, Bulleya, Murshid mera (Murshid mera)Tera mukaam, kamle, sarhad ke paar, BulleyaParvardigar, Bulleya, Hafiz tera (Murshid mera)
Ranjhan de yaar, Bulleya, sun le pukaar, BulleyaTu hi toh yaar, Bulleya, Murshid mera, Murshid meraTera mukaam, kamle, sarhad ke paar, BulleyaParvardigar, Bulleya, Hafiz tera, Murshid mera
Main taan gul se lipti titli ki tarah muhajir hoonEk pal ko thehrun, pal mein udd jaaunVe main taan hoon pagdandi, labhdi ae jo raah jannat kiTu mude jahan, main saath mud jaaun
Tere kaarvaan mein shaamil hona chaahunKamiyan taraash ke main qaabil hona chaahunVe ki karaan? Ve ki karaan?
Ranjhan de yaar, Bulleya, sun le pukaar, BulleyaTu hi toh yaar, Bulleya, Murshid mera (Murshid mera)Tera mukaam, kamle, sarhad ke paar, BulleyaParvardigar, Bulleya, Hafiz tera (Murshid mera)
Ranjhana ve, ranjhana ve
Jis din se aashna se do ajnabi hue hainTanhaiyon ke lamhe sab multavi hue hainKyun aaj main mohabbat phir ek baar karna chaahun?(Haan)
Ye dil toh dhoondhta hai inkaar ke bahaaneLekin ye jism koi paabandiyan na maaneMil ke tujhe baghaavat khud se hi yaar karna chaahun
Mujhmein agan hai baaqi, aazma leLe, kar rahi hoon khud ko main tere hawaleVe ranjhana, ve ranjhana
Ranjhan de yaar, Bulleya, sun le pukaar, BulleyaTu hi toh yaar, Bulleya, Murshid mera (Murshid mera)Tera mukaam, kamle, sarhad ke paar, BulleyaParvardigar, Bulleya, Hafiz tera (Murshid mera)
Ranjhan de yaar, Bulleya, sun le pukaar, BulleyaTu hi toh yaar, Bulleya, Murshid mera (Murshid mera)Tera mukaam, kamle, sarhad ke paar, BulleyaParvardigar, Bulleya, Hafiz tera, Murshid mera
Murshid meraMurshid meraMurshid mera

