| Song: | Muskaanein Jhooti Hai |
| Singer(s): | Suman Sridhar |
| Musician(s): | Ram Sampath |
| Written by: | Swanand Kirkire |
| Label(©): | T-Series |
Muskaanein Jhooti Hai Lyrics
Muskaanein Jhooti Hai Lyrics In Hindi
रात में ही जागते हैं
ये गुनाहों के घर
इनकी राहें खोलें बाहें
जो भी आये इधर
ये है गुमराहों का रास्ता
मुस्काने जूठी हैं
पहाचाणें जूथि हैं
रंगीन है चाय
फिर भी है तन्हाई
कल इन्हें गलियों में, इन मसाली कलियों में
तो ये धूम थी
जो रूह प्यासी है, जिसमें उदासी है
वो है गुमटी
सबको तलाश वही
समझे ये काश कोई
ये है गुमराहों का रास्ता
मुस्काने जूठी हैं
पहाचाणें जूथि हैं
रंगीन है चाय
फिर भी है तन्हाई
हल्के उजालों में
हल्के अँधेरों में जो इक राज है
क्यों खो गया है वो?
क्या हो गया है कि वो नाराज़ है?
ऐ रात, इतना बता
तुझको तो होगा पता
ये है गुमराहों का रास्ता
मुस्काने जूठी हैं
पहाचाणें जूथि हैं
रंगीन है चाय
फिर भी है तन्हाई
मुस्काने जूठी हैं
पहाचाणें जूथि हैं
रंगीन है चाय
फिर भी है तन्हाई

