| Song: | Kehna Hi Kya Lyrics |
| Singer(s): | Chitra |
| Musician(s): | A. R. Rahman |
| Written by: | Mehboob |
| Label(©): | Universal Music India |
Kehna Hi Kya Lyrics
कहना ही क्या…
ये नैन एक अंजान से जो मिले…
चलने लगे…
मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले…
अरमान नये ऐसे दिल में खिले।
जिनको कभी मैं ना जानूं..
वो हमसे हम उनसे कभी ना मिले।
कैसे मिले दिल ना जानूं..
अब क्या करे.. क्या नाम ले..
कैसे उनको मैं पुकारूँ…
कहना ही क्या…
ये नैन एक अंजान से जो मिले…
चलने लगे…
मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले…
अरमान नये ऐसे दिल में खिले।
जिनको कभी मैं ना जानूं..
वो हमसे हम उनसे कभी ना मिले।
कैसे मिले दिल ना जानूं..
अब क्या करे.. क्या नाम ले..
कैसे उनको मैं पुकारूँ…
पहली ही नज़र में कुछ हम
कुछ तुम हो जाते हैं यूं गम.
नैनों से बरसे रिम झिम
रिम झिम हमपे प्यार का सावन.
शर्म थोड़ी थोड़ी हमको…
आयें तो नज़रें झुक जाएँ।
सितम थोडा थोडा हमपे…
शोक हवा भी कर जाये.
ऐसी चली. आंचल उड़े.
दिल में एक तूफ़ान उठे.
हम तो लुट गए खड़े ही खड़े.
कहना ही क्या…
ये नैन एक अंजान से जो मिले…
चलने लगे…
मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले…
अरमान नये ऐसे दिल में खिले।
जिनको कभी मैं ना जानूं..
वो हमसे हम उनसे कभी ना मिले।
कैसे मिले दिल ना जानूं..
अब क्या करे.. क्या नाम ले..
कैसे उनको मैं पुकारूँ…
हौंथों ने मांगा सरगम
सरगम तू और तेरा ही प्यार है.
आंखें ढूंढती है जिसको हर दम
हर दम तू और तेरा ही प्यार है।
महफ़िल में भी…
तन्हा है दिल ऐसा दिल ऐसा.
तुझको खो ना दे…
डरता है ये ऐसे ये ऐसे।
आज मिली. ऐसी ख़ुशी.
झूम उठी दुनिया ये मेरी.
तुमको पाया तो पाई जिंदगी.
कहना ही क्या…
ये नैन एक अंजान से जो मिले…
चलने लगे…
मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले…
अरमान नये ऐसे दिल में खिले।
जिनको कभी मैं ना जानूं..
वो हमसे हम उनसे कभी ना मिले।
कैसे मिले दिल ना जानूं..
अब क्या करे.. क्या नाम ले..
कैसे उनको मैं पुकारूँ…
कहना ही क्या…
ये नैन एक अंजान से जो मिले…
चलने लगे…
मोहब्बत के जैसे ये सिलसिले…
कहना ही क्या…

