| Song: | Zaroori Tha Lyrics In Hindi |
| Singer(s): | Rahat Fateh Ali Khan |
| Musician(s): | Sahir Ali Bagga |
| Written by: | Khalil-Ur-Rehman Qamar |
| Label(©): | T-series |
Zaroori Tha Lyrics In Hindi
लफ़्ज़ कितने हाय तेरे जोड़े से लिपटे होंगे
तूने जब आखिरी ख़त मेरा जलाया होगा
तूने जब फूल किताबों से निकले होंगे
देने वाला भी तुझे याद तो आया होगा
तेरी आँखों के दरिया का उतरना भी ज़रूरी था
मोहब्बत भी जरूरी थी, बिछड़ना भी जरूरी था
ज़रूरी था कि हम दोनों तवाफ़-ए-आरज़ू करते हैं
मगर फिर हथियारों का बिखरना भी जरूरी था
तेरी आँखों के दरिया का उतरना भी ज़रूरी था
बताओ, याद है तुमको वो जब दिल को चुराया था?
चुराई चीज़ को तुमने खुदा का घर बनाया था
वो जब कहते थे, मेरा नाम तुम तस्बीह में पढ़ते हो
मोहब्बत की नमाज़ों को कज़ा करने से डरते हो
मगर अब याद आता है, वो बातें थी महज़ बातें
कहीं बातें ही बातों में मुकरना भी जरूरी था
तेरी आँखों के दरिया का उतरना भी ज़रूरी था
वही हैं सूरतें अपनी, वही मैं हूं, वही तुम हो
मगर खोया हुआ हूं मैं, मगर तुम भी कहीं गम हो
मोहब्बत में दग़ा की थी, सो काफिर थे, सो काफिर हैं
मिली हैं मंजिलें, फिर भी मुसाफिर थे, मुसाफिर हैं
तेरे दिल के निकले हम कहाँ भटके, कहाँ पहुँचे
मगर भटके तो याद आया, भटकना भी जरूरी था
मोहब्बत भी जरूरी थी, बिछड़ना भी जरूरी था
ज़रूरी था कि हम दोनों तवाफ़-ए-आरज़ू करते हैं
मगर फिर हथियारों का बिखरना भी जरूरी था
तेरी आँखों के दरिया का उतरना भी ज़रूरी था

