| Song: | Arz Kiya Hai Song Lyrics |
| Singer(s): | Anuv Jain |
| Musician(s): | Anuv Jain, Rishab Joshi |
| Written by: | Anuv Jain |
| Label(©): | Coke Studio India |
Arz Kiya Hai Song Lyrics In Hindi
कायर जो थे,
वो शायर बने
अब क्या-क्या करें
ये इश्क़ में
ना कहते थे कुछ जो,
लगे खोज में
क्या लफ़्ज़ चूनें,
नए आशिक ये
इश्क़ में तेरे
हैं फ़ैज़ बने
अर्ज़ किया है,
हमने भी
लिखा है कुछ तेरे बारे में में है
ऐसे तू लगे कि गुलाब है
और ऐसे तू लगे कि गुलाब है
बाघों के दिल में खिलके
इन फ़िज़ाओं में छाए हो, हाय
और वैसे
हम तो तेरे ही गुलाम हैं
और वैसे
हम तो तेरे ही गुलाम हैं
बादशाह दिल के, तेरी बाज़ी में जो तू
चाहे तो
डूबे दिलों की क्या नाव बनूँ? मैं खुद तैर पाऊँ ना आँखों में
शायर की फितरत में ही डूबना
मैं क्या ही लड़कों तूफानों से
इश्क में तेरे हैं फैज़ बने
अर्ज़ किया है, हमने भी
लिखा है कुछ तेरे बारे में है
हाथों को संभाले मेरे
हाथों में
कैसे हाथों को संभाले
मेरे हाथों में
जब तक नींद ना आए,
इन लकीरों में
बातें हो, हाय
[सरगम] (हाँ..आहन्न)
हाँ,
सब ने तो सब कह दिया..है
क्या ही कहूँ जो
अभी भी अनकहा है
मैं,
हाये,
ना मिर्ज़ा, ना मीर,
ना माहिर, ना ज़ाहिर
करूँ कुछ नया मैं
हाए,
पर
जो भी लिखा है, जिया है
हाँ, जिया है
ऐसे,
ऐसे,
ऐसे, कैसे, वैसे, जैसे
जैसे मैं पढ़ूँ
मेरे दिल में जो
मेरी आँखें भी
पढ़ें तेरी आँखों को
क्या यह महफ़िल में बैठें?
या उठे दौड़ जाने को? हाए
तेरी आँखों में
तारीफ़ों की तलाश है
मेरी महफ़िल
तेरे जाने से वीराना है
मैं बस शायर बना हूँ
सिर्फ तू सुन’ने आए तो
शायद शायर बना हूँ
सिर्फ तू सुन’ने आए तो

